मध्यप्रदेश के प्रमुख पर्वत श्रखंला | mountain of mp

 मध्यप्रदेश के अधिकांश भाग पठारी हैं लेकिन प्रदेश में पर्वत भी हैं। प्रमुख पर्वत इस प्रकार हैं


1. विंध्याचल पर्वत


यह हिमालय से भी प्राचीन पर्वत है जो नर्मदा नदी के उत्तर में पूर्व से पश्चिम की ओर फैला है। इसकी ऊँचाई 457 मीटर से 610 मीटर तक है, लेकिन कहीं-कहीं इसकी ऊँचाई 914 मीटर है। इसके उत्तर में मालवा का पठार है। इस पर्वत की सबसे ऊँची चोटी अमरकंटक है। पूर्वी क्षेत्र में यह भाण्डेर पर्वत के नाम से भी जाना जाता है। इससे अनेक नदियाँ नर्मदा, सोन, केन, बेतवा आदि निकलती हैं। यह क्वार्टज व बालू के लाल पत्थरों से बना है। इन चट्टानों को भवन बनाने के लिए अधिकतर काम में लाते हैं।


2. सतपुड़ा पर्वत


यह पर्वत नदी के दक्षिण में विंध्याचल के समानांतर लगभग 1120 किमी. विस्तार में पूर्व से पश्चिम की ओर राजपीपला की पहाड़ियों से होकर पश्चिम घाट तक फैला है। इसकी 7 शाखाओं में अमरकंटक, असीरगढ़ तथा महादेव प्रमुख हैं। सतपुड़ा पर्वत 700 मीटर से 1350 मीटर तक ऊँचा है। इसकी सबसे ऊँची चोटी धूपगढ़ है जो पचमढ़ी के पास महादेव पर्वत स्थित है। यह पर्वत श्रेणी मध्यप्रदेश का सर्वाधिक ऊँचा स्थान माना जाता है जो ग्रेनाइट व वैसाल्ट की चट्टानों से बनी है।


3. अरावली पर्वत


मालवा के उत्तर पश्चिमी पठार क्षेत्र में स्थित इन पर्वतों के ढाल काफी तीव्र और सिरे चपटे हैं। इस पर्वत श्रेणी के पर्वतों की ऊँचाई 304 से 914 मीटर तक है, परंतु आबू के पास शिखर, जो इसकी सबसे ऊँची चोटी है, 1158 मीटर ऊँची है। पृथ्वी पर सबसे प्राचीन यह पर्वत श्रृंखला, पर्वत तथा टीलों के रूप में विद्यमान है और एक-दूसरे के समानान्तर उत्तर-दक्षिण दिशाओं में दिल्ली के पास से गुजरात में अहमदाबाद तक 800 किलोमीटर की लंबाई में फैली है। यह दिल्ली के पास दिल्ली की पहाड़ियों के नाम से जानी जाती है।


अमरकंटक पर्वत


1066 मीटर तक ऊँची यह पर्वत श्रेणी पूर्व की ओर छोटा के पठार में समाप्त होती है। नागपुर


महादेव व मैकल की पहाड़ियाँ


राज्य के दक्षिणी भाग में मैकल तथा महादेव पहाड़ियाँ हैं। इनकी तलहटी में अनेक पठार व जंगल स्थित हैं।


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